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हल्द्वानी |नैनीताल रोड से सटे वार्ड नंबर 48 मल्ली बमौरी में आवारा कुत्तों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को नगर निगम की टीम पशु चिकित्सक के साथ एक खूंखार कुत्ते को पकड़ने पहुंची। संदेह के आधार पर एक कुत्ते को पकड़ भी लिया गया, जिससे कुछ देर के लिए स्थानीय लोगों को राहत की उम्मीद जगी। लेकिन यह सुकून पलभर का साबित हुआ।कुत्ते को पकड़े जाने के कुछ ही समय बाद उसके साथी एक अन्य आवारा कुत्ते ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला, एक बच्चा सहित तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है, लोग घरों से निकलने में भी सहमे हुए हैं।वार्ड नंबर 48 मल्ली बमौरी और वार्ड नंबर 5 पालीशीट क्षेत्र में 25 से 28 जनवरी के बीच करीब 20 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। सबसे ज्यादा आतंक मल्ली बमौरी में देखने को मिल रहा है, जहां कई पीड़ितों को गंभीर हालत में अस्पताल तक भर्ती कराना पड़ा है।
स्थानीय लोगों की शिकायत पर बुधवार को निगम की टीम दो बार कुत्तों को पकड़ने पहुंची थी, लेकिन तब कुत्ता मौके से गायब मिला। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे से 11:30 बजे तक वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के पशु चिकित्सक डॉ. महेंद्र और निगम कर्मचारियों ने अभियान चलाया। इस दौरान एक संदिग्ध कुत्ते को जाल में फंसाकर पकड़ा गया और पांच अन्य कुत्तों को वैक्सीन भी लगाई गई लेकिन कार्रवाई के बावजूद हालात नहीं सुधरे। पकड़े गए कुत्ते के बाद दूसरे आवारा कुत्ते ने गोविंद बल्लभ तिवारी, गीता पुनेठा और दुकान की ओर जा रहे एक बच्चे को काट लिया। इससे यह साफ हो गया कि मल्ली बमौरी में कुत्तों का आतंक अभी भी कायम है।स्थानीय पार्षद मुकुल बल्यूटिया ने निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की है। उनका कहना है कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि कुत्तों के विरुद्ध व्यापक और लंबे अभियान की सख्त जरूरत है। पीड़ित लोग वार्ड के अलग-अलग हिस्सों के निवासी हैं, जिससे संकट की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।इलाके के लोग अब सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब इस भयावह स्थिति से निजात मिलेगी और कब प्रशासन की कार्रवाई जमीन पर असर दिखाएगी।

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