
नानकमत्ता: (अश्वनी दीक्षित) श्री गुरु नानक देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय नानकमत्ता साहिब की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ग्राम सिद्धा नवदिया में पर्यावरण संरक्षण व एड्स जागरूकता अभियान के तहत भव्य रैली निकाली गई। शिविर के दौरान स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने सबसे पहले शिविर स्थल पर साफ-सफाई कर श्रमदान किया, इसके बाद योगासन व भजन-कीर्तन के माध्यम से दिन की शुरुआत की। प्रातः नाश्ते के बाद स्वयंसेवकों ने गांव में जागरूकता रैली निकालकर “पर्यावरण बचाओ–जीवन बचाओ” और “एड्स से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। शिविर के द्वितीय सत्र में आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में “एड्स—एक भयंकर बीमारी” विषय पर निबंध प्रतियोगिता व नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता की प्राचार्य डॉ. अंजला दुर्गापाल व विशिष्ट अतिथि डॉ. सीता मेहता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि डॉ. दुर्गापाल ने कहा कि एचआईवी ऐसा वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है और सुरक्षित संबंध, सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन तथा जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है, इसलिए युवाओं को समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वहीं डॉ. नीतू ने स्वयंसेवकों को एड्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी देते हुए इसके कारण, लक्षण, भ्रांतियों व बचाव के उपायों पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीता मेहता ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में पर्यावरण की रक्षा हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए। इसके साथ ही स्वयंसेवकों ने नानकमत्ता मुख्य बाजार में कागज के लिफाफे बांटकर पॉलिथीन के कम उपयोग का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का संचालन कैम्प कमांडर स्वयंसेवी नंदनी राना ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंदु बाला, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. नीतू, डॉ. राधा बिष्ट पवार, पंकज सिंह बोहरा, मनोज कुमार, दीपा दानू, प्रगति राणा, पूनम राणा, रेनू थापा, ज्योति राणा, काजल बर्मन, ममता राना, मनप्रीत कौर, देवराम, अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवी उपस्थित रहे।










