
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आईआईसी के तत्वावधान में क्रिकेट में उन्नत बायोमैकेनिकल मूल्यांकन तकनीकों पर कार्यशाला में यूपीसीए की अंडर-19 टीम की चयनित महिला क्रिकेटर्स- मनीषा चौधरी, शुभ चौधरी और पलक पर हुआ डेमो


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आईआईसी के तत्वावधान में क्रिकेट में उन्नत बायोमैकेनिकल मूल्यांकन तकनीकों पर कार्यशाला में विशेष रूप से क्रिकेट खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स फील्ड पर खेल चोटों के प्रबंधन और गति तंत्र विश्लेषण की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। मुजफ्फरनगर की जानी-मानी स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शिवानी लाल ने सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुप्रयोग से जोड़ा। यूपीसीए की अंडर-19 टीम की चयनित महिला क्रिकेटर्स- मनीषा चौधरी, शुभ चौधरी और पलक पर डॉ. लाल ने व्यावहारिक बायोमैकेनिकल का डेमो दिया। उन्होंने वास्तविक समय में मूल्यांकन तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए खिलाड़ियों के गति पैटर्न और चोट के जोखिम कारकों पर व्यक्तिगत फीडबैक प्रदान किया।
इससे पूर्व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. लाल ने विभागाध्यक्ष डॉ. शिवानी एम. कौल के संग दीप प्रज्ज्वलित करके वर्कशॉप का शुभारम्भ किया। वक्ताओं ने खेल फिजियोथेरेपी के महत्व और इस कार्यशाला की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने खेल बायोमैकेनिक्स और चोट की रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे। डॉ. लाल ने स्टुडेंट्स की जिज्ञासा को शांत किया। अंत में डॉ. शिवानी लाल को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्री हरीश शर्मा, श्रीमती हिमानी, डॉ. कंचन खोलिया, सुश्री समर्पिता सेनापति, श्रीमती शिप्रा गंगवार, सुश्री सिमरन सरफराज के संग-संग फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।








