
रुद्रपुर। उत्तराखण्ड की सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द को जानबूझकर चोट पहुँचाने के गंभीर आरोपों के बीच रुद्रपुर में हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। विश्व हिंदू परिषद, गौ रक्षा दल, बजरंग दल, सनातनी एकता मंच सहित अनेक हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एसएसपी कार्यालय पहुँचे और एक पत्रकार के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच व कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।संगठनों का आरोप है कि संबंधित पत्रकार अपने चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर, भ्रामक और भड़काऊ सामग्री परोस रहा है, जिससे समाज में भ्रम, तनाव और वैमनस्य फैल रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि यह पत्रकार बार-बार ऐसा झूठा नैरेटिव गढ़ने का प्रयास कर रहा है मानो उत्तराखंड में किसी विशेष वर्ग के साथ भेदभाव हो रहा हो, जबकि संगठनों के अनुसार राज्य सरकार सभी वर्गों के समान विकास और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।हिंदू संगठनों ने कोटद्वार की एक घटना का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उसे गलत संदर्भ और दुर्भावनापूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। साथ ही, हिंदू संगठनों को आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों से संबोधित करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, समाज में वैमनस्य फैलाने और कुछ व्यक्तियों की निजी जानकारी सार्वजनिक करने जैसे गंभीर आरोप भी शिकायत में दर्ज कराए गए हैं।इतना ही नहीं, संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित पत्रकार द्वारा मंगलवार जैसे धार्मिक महत्व के दिन मांस का सेवन करते हुए उसे जानबूझकर सार्वजनिक रूप से दिखाना, सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ है। उनका कहना है कि यह सब सिर्फ फॉलोअर बढ़ाने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश है, जिसका पत्रकारिता से कोई लेना-देना नहीं। संगठनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अशोभनीय और अधार्मिक कृत्य किसी पत्रकार को शोभा नहीं देते।हिंदू संगठनों ने एसएसपी से मांग की है कि संबंधित पत्रकार की भूमिका की गहन, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में शांति, एकजुटता और सौहार्द बना रहे और पत्रकारिता की आड़ में फैलाए जा रहे ज़हर पर निर्णायक रोक लग सके।













