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ब्रह्मलीन श्रीमति मधु गोयल जी की आँखें करेंगी किन्हीं दो लोगो के जीवन में उजाला, देश दुनिया को दिया महादान का संदेश।
वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के माध्यम से समाजिक जागरूकता से संपन्न हुआ क्षेत्र में 18 वां नेत्रदान ।
दिनांक 29 अगस्त 2025 की अपराह्ण को श्रीमति मधु गोयल जी के देहावसान के पश्चात उनके पुत्र अक्षत गोयल जी और अभिषेक गोयल जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। श्रीमती मधु गोयल जी की मृत्यु के बाद भी अब उनकी आंखें दुनिया देखती रहेंगी । उनके नेत्रदान से दो नेत्रहीनों के नेत्र प्रकाशित होंगे और उनके प्रिय जन उनकी स्मृति को अमरत्व प्रदान करेंगे। मैन बाजार निवासी गोयल परिवर्तन स्वयं समाज सेवा व धार्मिक कार्यों में संलग्न रहता हैं एवम यह सराहनीय कार्य भी उनके जीवन प्रवृत्ति के अनुरूप है।
वसुधैव कुटुम्बकम के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद आई / नेत्र विभाग की टीम ने कागजी औपचारिकता पूरी कर ब्राह्मलीन मधु गोयल जी के शरीर से दान की गई आंखे (कॉर्निया) प्राप्त कीं।
वसुधैव कुटुम्बकम् के सचिव प्रियांशु बंसल जी ने बताया कि वसुधैब कुटुम्बकम् क्षेत्र के नागरिकों में नेत्रदान हेतु जागृति लाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि नेत्रदान के दौरान उनकी पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। आमतौर पर केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी परत होती है, आसानी से निकाली जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि नेत्रदान के लिए जीवित रहते हुए नेत्रदान की कोई घोषणा न करने पर भी, किसी के गोलोक गमन के उपरांत भी परिवार जनों की सहमति होने पर नेत्रदान हो सकता है।
संस्था के संस्थापक सदस्य सी ए सचिन अग्रवाल जी ने बताया कि नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता। भारत में कॉर्नियल अंधेपन से पीड़ित लोगों की संख्या करीब 1.2 मिलियन है, जो अंधेपन का दूसरा सबसे आम कारण है। हर साल करीब 20,000 से 25,000 नए मामले भी सामने आते हैं, नेत्रदान करने से ऐसे लोगो को रोशनी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।
संस्था के संरक्षक योगेश जिंदल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी व संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, आशीष गुप्ता जी, अनुज सिंघल जी, अंकुर मित्तल जी, प्रियांशु बंसल जी, सीए सचिन अग्रवाल जी, सौरभ अग्रवाल जी ने वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के अनुरोध पर सम्पन्न कराये इस महान कार्य के प्रति नेत्रदानी परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आवाहन किया। इस दुःख की घड़ी में वसुधैव कुटुम्बकम् के सदस्य प्रांशु पेगिया जी, कपिल गुप्ता जी, पंकज वैश्य जी, तिरीश अग्रवाल जी उपस्थित थे।

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