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  • नगर निगम ने तैयार किया ‘एक्शन प्लान’, महापौर और पार्षदों के बीच मंथन

रुद्रपुर।नगर निगम रुद्रपुर ने स्वच्छ सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में लंबी छलांग लगाने के लिए अपने अभियान को विस्तार देना शुरू कर दिया है। पिछले सर्वेक्षणों में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान और राष्ट्रीय स्तर पर 69वीं रैंक हासिल कर अपनी क्षमता सिद्ध कर चुके नगर निगम ने अब देश के टॉप-10 स्वच्छ शहरों की सूची में जगह बनाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी महत्वाकांक्षी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम सभागार में महापौर की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों ने मिलकर स्वच्छता के नए मानकों पर व्यापक मंथन किया। महापौर ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि शहर के सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ा एक जन-आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक की सहभागिता अनिवार्य है।उन्होंने सभी पार्षदों और शहरवासियों से इस मिशन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

बैठक को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि एक सामूहिक संस्कार है। उन्होंने पिछली बार मिले चार महत्वपूर्ण पुरस्कारों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले प्रयासों ने हमें आत्मविश्वास दिया है, लेकिन इस बार का लक्ष्य कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण और बड़ा है। महापौर ने कहा कि इस बार रैकिंग को और बेहतर बनाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि देश में टॉप 10 श्रेणी हासिल करना हमारा लक्ष्य है। पार्षदों और शहर के नागरिकों का सहयोग मिला तो यह लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। महापौर ने कहा कि स्वच्छता को लेकर नागरिकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाये जायेंगे साथ ही स्कूलों का भी सहयोग लिया जायेगा। महापौर ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग अलग अलग मानकों के आधार पर तय की जाती है इन मानकों को पूरा करने के लिए सुनियोजित होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वार्डों को पालीथीन मुक्त करने के लिए विशेष रूप से काम करना होगा।

महापौर ने पार्षदों से सुझाव मांगते हुए कहा कि वार्डों को पॉलीथिन मुक्त करना और जन-जागरूकता को जमीनी स्तर पर ले जाना ही सफलता की कुंजी होगी। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि शहर का हर वर्ग इस स्वच्छता महायज्ञ में अपना योगदान दे सके। महापौर ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने घरों से गीले कचरे से खाद बनाने की शुरुआत कर समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करें। जिस पर सभी पार्षदों ने अपनी सहमति जताई।

नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 के लिए निगम द्वारा तैयार किए गए विस्तृत एक्शन प्लान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न वार्डों के बीच स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों के पार्षदों और सुपरवाइजरों को सम्मानित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के सौंदर्यकरण के लिए विशेष रूप से 10 सेल्फी प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं, जो स्वच्छता की थीम पर आधारित होंगे। इसके साथ ही वार्ड 28 और रुद्रा वेंडिंग जोन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ट्विन बिन (दोहरे डस्टबिन) स्थापित किए जाएंगे, ताकि कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति से किया जा सके। जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का सहारा लिया जा रहा है।

कचरा प्रबंधन की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए नगर निगम के मयंक कुमार ने बैठक में उपस्थित लोगों को कचरा पृथक्करण और घर पर खाद बनाने की विधि समझायी। उन्होंने बताया कि कचरे को चार श्रेणियों में बांटना अत्यंत आवश्यक है। इसमें गीले कचरे के लिए हरे डिब्बे, सूखे कचरे के लिए नीले डिब्बे, सैनिटरी अपशिष्ट के लिए लाल डिब्बे और घरेलू हानिकारक कचरे जैसे पुरानी बैटरी या पेंट की बोतलों के लिए काले डिब्बे का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि गीले कचरे से मात्र 45 से 60 दिनों में उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार की जा सकती है। साथ ही उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट को बेहतर उपयोग में लाने के तरीके भी बताये।बैठक के समापन पर सभी पार्षदों और अधिकारियों ने मिलकर रुद्रपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर एसएनए राजू नवियाल, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पियूष रंजन, पार्षद प्रमोद शर्मा, राजेश जग्गा, सुशील चौहान, इन्द्रजीत सिंह, सौरभ बेहड़, राधेश शर्मा, निमित शर्मा, गौरव खुराना, पवन राणा, सचिन मुंजाल, विष्णु, सौरभ शर्मा, उमेद अधिकारी और कुलदीप सहित नगर निगम के तमाम अधिकारी, कर्मचारी और पार्षद उपस्थित रहे।

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