दो पालिका प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने पर सात दावेदार भिड़ेंगे

गदरपुर । निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के सामने निर्दलीय प्रत्याशी अंजू भुड्डी द्वारा मुसीबत खड़ी करने पर हड़कम्प बचा हुआ है । वर्ष 2013 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ी अंजू भुड्डी पालिका अध्यक्ष चुनी गई थी उन्होंने बसपा प्रत्याशी फरजाना बेगम को 642 मतों से हराया था। भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली अंजू भुड्डी वर्ष 2012 से वर्ष 2015 तक भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रहीं, वर्ष 2015 से 2018 तक फिर उन्हें महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी । वर्तमान में वह भाजपा की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं वर्ष 2018 में निकाय चुनाव में अंजू भुड्डी पालिका अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार थीं लेकिन सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई थी। वर्तमान में निकाय चुनाव की घोषणा होने पर अंजू भुड्डी ने भाजपा से पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी के रूप में दावेदारी की थी लेकिन पार्टी ने उनकी इस मांग को अनदेखा कर 6 माह पूर्व कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए वार्ड नंबर 6 के निवर्तमान सभासद मनोज गुंबर को प्रत्याशी घोषित कर दिया। भाजपा से टिकट न मिलने से आहत जो अंजू ने निर्दलीय नामांकन कर दिया अंजू भुड्डी के पति राकेश भुड्डी भी भाजपा संगठन में विभिन्न पदों और पालिका अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं अंजू भुड्डी को मनाने का प्रयास कई लोगों द्वारा किया जा रहा है नाम वापसी के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी। निवर्तमान पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस और तारिक खान का पालिका अध्यक्ष की उम्मीदवारी का पर्चा निरस्त होने पर पालिका अध्यक्ष पद के सात दावेदार चुनाव लड़ेंगे ।






