Spread the love

योग साधना से शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में प्रेरक पहल

गदरपुर/ रुद्रपुर । प्रसिद्ध योग गुरु सोहित योगी को मध्य प्रदेश में आयोजित एक भव्य समारोह में “सर्वश्रेष्ठ योग गुरु” की राष्ट्रीय उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला द्वारा प्रदान किया गया।
सोहित योगी को यह सम्मान योग के क्षेत्र में उनके सतत योगदान,स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता और समाज को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में की जा रही निस्वार्थ सेवा के लिए दिया गया। उन्होंने वर्षों से योग को केवल आसनों तक सीमित न रखकर,उसे जीवन-शैली के रूप में अपनाने का संदेश दिया है—जहाँ शरीर की मजबूती के साथ-साथ मन की स्थिरता भी उतनी ही आवश्यक मानी जाती है।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने वक्तव्य में सोहित योगी ने कहा, “यह पुरस्कार मेरा व्यक्तिगत नहीं,बल्कि योग साधना में विश्वास रखने वाले हर उस व्यक्ति का है,जो स्वास्थ्य को जीवन की पहली प्राथमिकता मानता है। योग शरीर को मजबूत करता है,लेकिन उससे भी अधिक यह मन को अनुशासित और शांत करता है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अगर कोई सच्चा समाधान है, तो वह नियमित योग और ध्यान में है।” उन्होंने आगे कहा कि गाँव-देहात में योग का प्रचार उनकी प्राथमिकता रहा है।
“अक्सर लोग सोचते हैं कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति केवल बड़े शहरों की सुविधा है, लेकिन योग ने मुझे सिखाया है कि साधना कहीं भी की जा सकती है—चाहे वह छोटा सा गाँव हो या महानगर। मेरा लक्ष्य है कि हर व्यक्ति,खासकर युवा, योग को दवा नहीं बल्कि दैनिक संस्कार की तरह अपनाए।”उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर की लचीलापन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है,बल्कि तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं में भी उल्लेखनीय कमी आती है। उनकी कार्यशालाएँ इसी संतुलन पर केंद्रित हैं—जहाँ श्वास,ध्यान और शारीरिक अभ्यास एक साथ चलते हैं।इस उपलब्धि से देहरी गाँव ही नहीं,पूरे अमरोहा जनपद में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सोहित योगी की सफलता यह साबित करती है कि सच्ची साधना और निरंतर प्रयास से छोटे गाँव से भी राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है। यह आयोजन स्नेहा इवेंट्स द्वारा आयोजित किया गया था।

You cannot copy content of this page