रुद्रपुर। कोतवाली की चौकी आदर्श कालोनी पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई कर रही। आरोपी के खिलाफ़ अनिल शर्मा पुत्र मनोहर लाल ग्राम शादीनगर हजीरा तहसील स्वार थाना मिलक खानम रामपुर यूपी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना चौकी प्रभारी होशियार सिंह को दी गई। विवेचना के दौरान चौकी प्रभारी ने पीड़ित से आरोपी को दिए गए रुपयों की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचक होशियार सिंह ने बताया कि पीड़ित ने पुत्र दिप्यांश शर्मा को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाये जाने को स्टडी वीजा बावत टोटल इमीग्रेशन स्थित आर्शीवाद काम्पलैक्स रूद्रपुर 1 सितंबर 23 को गया। उसकी और पुत्र की मुलाकात टोटल इमीग्रेशन के संचालक इन्द्रजीत बैन्स उर्फ विक बैन्स से हुई। इंद्रजीत ने उसे बताया कि इंग्लैंड या कनाडा में दिप्यांश को अच्छे कॉलेज में उच्च शिक्षा दिलवाने हेतु स्टडी वीजा दिलवा दिया जायेगा। दिप्यांश का वहां की यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराकर उसकी फीस भी जमा करवा दी जायेगी। जिसमें करीब 20-22 लाख रूपये का खर्च आएगा। बताया कि उसकी पत्नी कनाडा की पीआर है और में भी कनाडा में आता-जाता रहता हूँ। विदेश दूतावास में अच्छी पकड है।कई लोगो को हर प्रकार के वीजा दिलवाये गये है। में इण्डिया का काम देखता हूँ और पत्नी वीजा दिलाये जाने हेतु विदेश दूतावास से काम कराती है। पीड़ित के मुताबिक उसे व उसके पुत्र को अपने प्रलोभन में ले लिया। इसके बाद उसके पुत्र की बातचीत उक्त इन्द्रजीत बैन्स उर्फ विक बैन्स से उसके व्हाट्सऐप मैसेजर ऐप पर संचालित भारत के नम्बर-8427600001 एवं कनाडा के व्हाट्सऐप मैसेंजर ऐप नम्बर – +(116)402-1234 पर होने लगी। व्हाट्सऐप पर उक्त इन्द्रजीत बैन्स उर्फ विक बैन्स से पुत्र को खर्च का विवरण भी भेजा गया। तब इन्द्रजीत सिंह बैन्स उर्फ विक बैन्स के कहने पर उसने अपनी पत्नी के बैंक के खाते से 8 सितंबर 23 को इन्द्रजीत सिंह बैन्स उर्फ विक बैन्स के खाते में मुबलिग 2,00,000/- रूपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रान्सफर किये गये। इसके बाद 25 सितंबर 23 को 3,15,000/- रूपये आरटीजीएस के 4,00,000/- रूपये आरटीजीएस से ट्रान्सफर किये। बताया कि 4 मार्च 24 को 50,000/- रूपये गूगल-पे के माध्यम से इन्द्रजीत सिंह बैन्स उर्फ विक बैन्स के खाते में यूपीआई से ट्रान्सफर किये गये। इन्द्रजीत सिंह बैन्स उर्फ विक बैन्स ने उसे व उसके पुत्र से यह कहा कि लड़के की मार्कशीट डुप्लीकेट बनवानी पडेगी। तभी विदेश का स्टडी वीजा मिलेगा। जिसके लिये 1,00,000/- रूपये अलग से नकद देने पडेगें। उसने इंद्रजीत पर विश्वास कर उसके कहने पर 1,00,000/- रूपये नकद 10 मार्च 24 को दे दिये। बाद में इन्द्रजीत सिंह ने उसके पुत्र से कहा कि आफर लेटर आ गया है एवं फीस जमा करनी है। जिसके लिये 4,00,000/- रूपये नकद देने होगें। उसने इन्द्रजीत सिंह बैन्स को 4,00,000/- रूपये नकद दिये। बताया कि इन्द्रजीत सिंह बैन्स ने उसे व उसके पुत्र को एक वीजा भी दिया और कहा कि टिकट करानी है। इसके लिए 3,00,000/- रूपये ओर दों। बाकी धनराशि टिकट आने पर व विदेश को फ्लाईट में जाने पर देनी होगी। इन्द्रजीत सिंह बैन्स ने उसे व उसके पुत्र को फीस जमा की रसीद एवं वीजा दिलाया। जब उनकी जांच करायी गयी तो दोनो कागजात भी फर्जी पाये गये। जब इन्द्रजीत सिंह बैन्स उर्फ विक बैन्स से सम्पर्क किया तो इंद्रजीत ने उसके साथ अभद्रता की। कुछ नहीं कर सकते,पहुँच ऊपर तक है। कई पंचायते की गई। इन्द्रजीत उससे ली गई रकम को वापस करने का आश्वासन दिया,परन्तु रकम वापिस नहीं लौटाई। उसे लगातार धमकी दे रहा है कि रकम वापिस मांगी या कोई कानूनी कार्रवाई की तो जान से मरवा दूगां। रिपोर्ट एसएसपी के आदेश पर दर्ज कराई थी।

ऐसा ही एक अन्य मामला भी प्रकाश में आया है जो की बुढ़िया के रहने वाले व्यक्ति का है जिसमें उसने बताया कि उसके पुत्र को साउथ कोरिया भेजने के नाम पर काशीपुर रोड पर ऑफिस बनाकर काम करने वाले एक व्यक्ति द्वारा 77000 अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराया गया , किसी प्रकार का कोई कागज नहीं देने पर शक होने के बाद जब पीढ़ी द्वारा अपने पैसे मांगे गए तो आनाकानी करने लगा पूरे मामले में पंचायत के बाद भी जब कुछ हल नहीं निकला तो अब पीड़ित ने उक्त व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाने का मन बना लिया है।







