
माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट एवं जवानों का सम्मान
देहरादून में अर्पित फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय सम्मान समारोह में उत्तराखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 57वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कमांडेंट श्री मनोहर लाल सहित बल के अधिकारियों एवं जवानों को उनके वर्ष 2025 के दौरान किए गए उत्कृष्ट, सराहनीय एवं अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान माननीय मुख्यमंत्री द्वारा SSB के जांबाज़ अधिकारियों एवं बल कार्मिकों को राष्ट्र सेवा, सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा तथा आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। इसी क्रम में 57वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री मनोहर लाल का माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मोमेंटो भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। साथ ही श्री अनिल कुमार यादव, उप-कमांडेंट एवं अन्य बल कार्मिकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सशस्त्र सीमा बल को सीमांत क्षेत्रों में उत्कृष्ट, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ बल बताते हुए कहा कि SSB देश की सुरक्षा व्यवस्था की एक सशक्त रीढ़ है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा के क्षेत्र में SSB का योगदान अतुलनीय है और भविष्य में भी राज्य एवं राष्ट्र को इस बल से इसी प्रकार का समर्पण, सहयोग एवं निष्ठा मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं को SSB का प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि SSB का तैनाती क्षेत्र उनके निवास क्षेत्र के आसपास भी है, जिससे उनका इस बल से विशेष लगाव और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने बल के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, सेवा भावना एवं समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस सम्मान समारोह में श्री सुबोध उनियाल (माननीय वन मंत्री, उत्तराखंड सरकार), श्री कैलाशानंद महाराज, श्री पवन बंसल (माननीय राज्यसभा सांसद), SSB के डीआईजी, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अर्पित फाउंडेशन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में वीर एवं बहादुर जवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र सेवा, सीमाओं की सुरक्षा एवं जनहित में SSB द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना के साथ किया गया तथा सभी सम्मानित अधिकारियों एवं जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।










