
माता जी की आंखे करेंगी किन्हीं दो लोगो के जीवन मे उजाला


दिनांक 15 मार्च को गणपति अपार्टमेंट, अलीगंज रोड निवासी श्रीमति रमा रानी जी (पत्नी स्व. सूरज प्रकाश सिंघल जी) के देहावसान के पश्चात उनके सुपुत्र एडवोकेट अतुल सिंघल जी व पौत्र एडवोकेट समर्थ विक्रम सिंघल जी ने माता जी के नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।माता जी की आंखें अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी बनकर उजाला फैलाएंगी।
वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर की देखरेख में माता जी का नेत्रदान आई हॉस्पिटल की टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो सिंघल परिवार के महान उदारता व माता जी की धार्मिक प्रवृत्ति के अनुरूप है।
वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के सचिव प्रियांशु बंसल जी ने बताया कि भारत में 12 मिलियन से अधिक अंधत्व के शिकार लोगों में से 4 मिलियन कॉर्निया की कमी के कारण देख नहीं पाते हैं और इस कमी को मृत्यु उपरान्त नेत्रदान के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी ने बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न इस महान कार्य के प्रति संस्थापक सदस्य आशीष गुप्ता जी,अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, अंकुर मित्तल जी, अनुज सिंघल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी, सचिव प्रियांशु बंसल जी, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल जी व नेत्रदान प्रकल्प संयोजक सीए सचिन अग्रवाल जी ने परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आह्वान किया।
इस नेत्रदान में वसुधैव कुटुम्बकम् के सदस्य एडवोकेट अक्षत गोयल जी का विशेष सहयोग रहा ।








