देहरादून 06 अक्टूबर । राज्य आंदोलनकारियों के प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर न करने को लेकर देहरादून की परगनाधिकारी केंद्र की मनमानी और हठधर्मी के विरोध में वरिष्ठ पत्रकार तथा चिन्हित उत्तराखंड आंदोलनकारी रवीन्द्र नाथ कौशिक ने आज प्रात: से शहीद स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरु कर दिया। कौशिक का कहना था कि राज्य आंदोलनकारीयो के प्रभावित आश्रित युवक- युवतियों के अनुरोध, उच्चाधिकारियों के निर्देश और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अनुरोध/परामर्श के बाद भी राजधानी देहरादून की परगनाधिकारी केंद्रीय अपने रूख से टस से मस नही हो रहीं हैं।
जिला प्रशासन सेवा का अधिकार अधिनियम 2011 और उसकी भावना का भी पालन नही कर रहा है। इसलिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से निकली रिक्तियों के कारण उत्पन्न इस व्यापक प्रभाव वाली समस्या के समाधान होने तक वे अपना अनशन जारी रखेंगें। उन्होने अपने चार वर्ष के जमीनी अनुभव के आधार पर कहा कि नौकरशाही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी ठेंगा दिखा मनमानी कर रही है। इसलिए यह जनप्रतिनिधियों के सम्मान की भी लड़ाई है जो वे लडेंगें।
कलेक्ट्रेट स्थित उत्तराखंड राज्य बलिदान स्थल पर बलिदानी पूर्वजों का पंडित कलश राम सेमवाल के पौरोहित्य और उत्तराखंड पुरोहित समाज (पंजीकृत) अध्यक्ष पंडित हर्षपति घिल्डियाल के संयोजन में तर्पण संपन्न करवा कर अनशन शुरु किया गया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी यहां 111 दिन से धरना दे रहे हैं।
इस अवसर पर पत्रकार-आंदोलनकारी श्री अंबुज शर्मा, पंडित प्रेम बिंजोला, पंडित सुभाष डिमरी,पंडित हर्षपति घिल्डियाल, दीपेन्द्र नौटियाल, लक्ष्मी प्रसाद ममगाई,कृष्णानंद नौटियाल, अनिरुद्ध नौटियाल, राकेश चंद्र गौड,गीता नेगी ,उम्मेद चंद रमोला आदि भी रहे।

