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खबर पड़ताल

सितारगंज उधमसिंहनगर जनपद में सहकारी समितियों के जरिए खाद वितरण पर लगी ‘5 बैग सीमा’ ने किसानों के बीच जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है, जहां जिला सहकारी बैंक से फसली ऋण व उर्वरक की ऋण सीमा स्वीकृत होने के बावजूद मुख्य कृषि अधिकारी के पत्रांक 31 मार्च 2026 के आदेश के तहत एक किसान को 5 बैग से अधिक यूरिया, डीएपी व अन्य उर्वरक देने पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से 1 से 10 एकड़ तक खेती करने वाले हजारों किसान सीधे प्रभावित हो रहे हैं, जिनका कहना है कि इतनी कम मात्रा में खाद देना खेती के साथ अन्याय है और इससे फसल उत्पादन पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। हालात यह हैं कि समितियों में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, किसानों की लंबी कतारें और बढ़ता असंतोष प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं समिति प्रबंधन ने आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई है। बहु.दक्षिणी सितारगंज किसान सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष सौरभ अरोरा, बहु.किसान सहकारी समिति के अध्यक्ष कृष्णपद मंडल,फौजी मदकोटा सोसायटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान, जसवीर सिंह बगवाड़ा सहकारी सोसायटी, प्रहलाद सिंह राणा नानकमत्ता सहकारी सोसायटी, अमरजीत कौर बरा सहकारी सोसायटी, नरेन्द्र ठुकराल नारायणपुर सहकारी सोसायटी, सुखविंदर सिंह बिरिया सहकारी सोसायटी और अन्य समितियों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी से मांग की है कि इस अव्यवहारिक आदेश को तुरंत संशोधित कर पूर्व की तरह खाद वितरण की व्यवस्था बहाल की जाए, अन्यथा किसानों का यह गुस्सा बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

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