Category: उत्तराखण्ड

पुलिस की सूझबूझ से हत्या की अनसुलझी रहस्यमयी घटना का हुआ खुलासा

काशीपुर-थाना आई टी आई महुआखेडागंज स्थित टोसा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में हुई चौकीदार की हत्या का काशीपुर पुलिस ने मात्र तीन दिन में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार…

राजा जगत देव जी की मूर्ति का मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल

अनावरण बुक्सा समुदाय सहित अन्य सैकड़ो लोगों ने किया नमन गदरपुर। प्रसिद्ध डल बाबा मंदिर परिसर में वीर शिरोमणि राजा जगत देव जी की अष्ट धातु निर्मित भव्य मूर्ति का…

स्किल डेवलेपमेंट से ही संवर सकता है युवाओं का भविष्यः विकास शर्मा

रूद्रपुर।सिविल लाइन क्षेत्र में माइंड पावर यूनिवर्सिटी, भीमताल के नये केन्द्र का भव्य शुभारम्भ महापौर विकास शर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर महापौर ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को शुभकामनाएं…

फोरलेन चौड़ीकरण करने के लिए 80.63 करोड रुपए जारी करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने जताया आभार

रुद्रपुर/किच्छापंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज को 651 करोड़ रूपये स्वीकृत करने एवं किच्छा – नगला मार्ग के किलोमीटर 5 से आदित्य चौक किच्छा होते हुए एन0 एच0…

विधायक शिव अरोरा ने पुलिस लाइन में खेल महाकुम्भ के अन्तर्गत आयोजित विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी का फीता काटकर किया शुभारम्भ, विजेता खिलाड़ियों क़ो सर्टिफिकेट,मेडल वितरित किये

रुद्रपुर। राज्य में खेलों का वातारण सृजित करने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चिन्हित करने के उद्देश्य से युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग उत्तराखंड द्वारा खेल महाकुंभ के अंतर्गत, दिनांक…

नववर्ष के उपलक्ष पर निरंकारी सतगुरु का खुशियों और आशीष भरा पावन संदेश

निरंकार की रजा में जीवन जीना ही सच्ची साधना– निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज काशीपुर, जनवरी 02, 2026:- ‘निरंकार की रजा में जीवन जीना ही सच्ची साधना है।’ यह…

भारतीय किसान यूनियन ने की पारित प्रस्तावों के निस्तारण की मांग

गदरपुर । भारतीय किसान यूनियन की ब्लॉक स्तरीय मासिक बैठक में विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए । नवीन अनाज मंडी सभागार में बैठक की अध्यक्षता सरदार गुरमीत सिंह द्वारा की…

नए साल पर हल्द्वानी–काठगोदाम से नैनीताल मार्ग पर भारी ट्रैफिक बना मुसीबत का सबब

हल्द्वानी नये साल के मौके पर हल्द्वानी काठगोदाम से नैनीताल जाने वाले मार्ग पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ के कारण सड़क पर लंबा…

गुरु गोविंद सिंह जयंती पर ग्राम रतनपुरा में नगर कीर्तन का जैकारों से स्वागत

गदरपुर। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित एक नगर कीर्तन का आयोजन नजदीकी ग्राम रतनपुरा में शबद कीर्तन श्रद्धा भावना से किया गया । गुरु गोविंद…

नये साल का रोचक इतिहासलाल बिहारी लालनव वर्ष उत्सव मनाने की परंपरा 4000 वर्ष पहले बेबीलोन(मध्य ईराक) से शुरु हुई थी जो 21 मार्च को मनाया जाता था, पर रोम के शासक जुलियस सीजर ने ईसा से 45 ई. पूर्व जूलियन कैलेंडर की स्थापना विश्व में पहली बार की तब ईसा पूर्व इसके 1 साल पहले का वर्ष यानी 46वें ईसा पूर्व वर्ष को 445 दिनों का कर दिया और इसे 1 जनवरी को नव वर्ष मनाया तभी से हर साल 1 जनवरी को नव वर्ष मनाते आ रहे है। एक अमेरिकी फिजीशियन एलाँयासिस लिलिअस ने एक ग्रिगेरियन कैलेंडर की शुरुआत 15 अक्टूबर ,1582 में की इसके तहत साल दस महिने का था । इसमें भी 1 जनवरी को नया साल मनाने की शुरुआत हुई पर ईसाई इसे क्रिसमस दिवस को ही मनाते है नया साल । नया साल मनाने का मुख्य उदेश्य की जीवन में नये चेतना का संचार करना यानी जीवन चक्र को रिचार्ज करना है। इस दिन हर्ष और उल्लास से काम धाम में लग जाते है। आज सारी दुनिया में 1 जनवरी को ही अधिकांश देश नव वर्ष मनाते है। यहुदियों(हिब्रू) का नव वर्ष 5 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच आता है। इस्लामी कैलेंडर की नया साल मुहरर्म के दिन से शुरु होता है जो ग्रीगेरियन से प्रेरित है। भारत देश की बात करे तो यहा अनेक जाति धर्म के लोग रहते है और अपनी संस्कृति एंव परंपराओं के अनुसार अलग-अलग समय पर नव वर्ष मनाते है। हिन्दुओं के नया वर्ष चैत मास के प्रतिपदा (पहले) के दिन मनाते है।इसी दिन सिंधी चोटी चंड मनाते है। इसी दिन सूर्योदय से ब्रम्हा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। बात करे पंजाब की तो फसलों के तैयार होने पर 13 अप्रैल को वैशाखी के दिन मनाते है। वही बंगाल औऱ बंगला देश में पोहेला बोइसाख( बैसाखी) 14 और 15 अप्रैल को मनाते है। वही आंध्र प्रदेश में उगादी औऱ तमिलनाड़ू में विशु 13 या 14 अप्रैल को मनाते है जबकि 15 जनवरी को पोंगल अधिकारिक रुप से मनाया जाता है। और कर्नाटक में उगाड़ी, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा मनाते है । माड़वाड़ी दीपावली को दिन मनाते है जबकि गुजराती दीपावली के दूसरे दिन मनाते है। इसी दिन जैन धर्म के अनुआयी भी नव वर्ष मनते है। यह त्योवहार अक्टूबर –नवंबर में आता है। काश्मिरी कैलेंडर के हिसाब से नवरेह 19 मार्च को मनाते है। चैत प्रतिपदा के दिन ही सम्राट विक्रमादित्य ने राज पाट संभाला था इन्हीं के नाम पर विक्रम समवत की शुरुआत हुई जो चैत महिने का पहला दिन हैं ,तो आप भी खुशियों के साथ नये दिन की करे शुरुआत । आप सभी को नव वर्ष मंगलमय हो।

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