हरिद्वार।आपने अक्सर देखा होगा कि नेता आता है, फीता काटता है, फोटो खिंचवाता है और चला जाता है। पर कल चंद्राचार्य चौक स्थित होटल हेरिटेज में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने इस परंपरा को ही बदल दिया।
न रिबन एक हाथ में था, न कैंची एक हाथ में। रानीपुर मोड़ पर खुले ‘अरोड़ा का रसोड़ा’ का लाल फीता 35 हाथों में था। डॉ. हरिराम आर्य इंटर कॉलेज के वो लड़के, जो कभी एक बेंच पर बैठते थे, आज 30-35 साल बाद फिर एक साथ खड़े थे और एक साथ बोल रहे थे – काटो! और फीता कट गया।
*दरअसल यहाँ कोई चीफ गेस्ट ही नहीं था*
संदीप अरोड़ा से पूछा – मुख्य अतिथि कौन था? वो हँसे। बोले, “मैंने किसी को मुख्य अतिथि बनाया ही नहीं। मेरे सारे दोस्त ही मुख्य अतिथि हैं। इन्हीं के लिए तो ये ‘दोस्ती का अड्डा’ बनाया है।”
बात में दम था। इसलिए मंच पर कोई माला नहीं थी, कोई भाषण नहीं था। बस पुराने किस्से थे। कोई कह रहा था – याद है इंटरवल में समोसा? कोई कह रहा था – तेरी साइकिल पर ही तो पूरा मायापुर घूमते थे।
*जब 35 दोस्तों ने कहा – हम सब चीफ गेस्ट हैं*
इस महफिल में दिनेश शर्मा से लेकर पवन अरोड़ा तक, सत्यदेव राठी से लेकर हैप्पी लालवानी तक, वही चेहरे थे जो हरिद्वार की गलियों में बड़े हुए हैं।
एक तरफ सामाजिक सरोकारों से जुड़े सक्षम के प्रांत अध्यक्ष ललित पंत, उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री देवेंद्र जी, जिला महिला प्रमुख सीमा चौहान, जिला सह सचिव आरती मेहता, योगेश चौधरी, जिला संरक्षक विनोद कुमार शर्मा, शशि लता, प्रांत युवा प्रमुख कमल पंत व अन्य लोग मित्रता की गतिविधियां देख रहे थे और दूसरे दूसरी तरफ देवभूमि बधिर एसोसिएशन से रजत कुमार, सरदार मोंटू, राजकुमार, अभय सिंह, देव शर्मा, मनोज त्रिपाठी, विध्यांशु खुल्लर, शैलेश मिश्रा, अविनाश यादव, ओम बंसल, धर्मेंद्र यादव आदि अपने साथी संदीप अरोड़ा को इशारों में बधाई दे रहे थे। यानि बिना आवाज के भी दोस्ती समझ आ रही थी।यह सभी साथी मूक बधिर है। इनका भी यही दोस्ती का अड्डा ठिकाना है।
*क्लाउड किचन से ‘अड्डे’ तक का सफर*
सोनिया अरोड़ा ने बताया – “ये कहानी 2020 की है। कोरोना में बेटे चिंतन ने घर की रसोई से क्लाउड किचन शुरू किया था। लोगों ने इतना प्यार दिया कि हमें लगा इसे बड़ा करना चाहिए। फिर चिंतन कोलकाता लॉ पढ़ने चला गया तो क्लाउड किचन पर विराम लग गया। अब उसी प्यार को वापस ला रहे हैं, लेकिन इस बार घर की रसोई नहीं, दोस्तों का अड्डा बनाकर।”
यहाँ अब किफायती दाम पर *चाय पर घंटों महफिल जमेगी, महिलाओं की किट्टी होगी, पत्रकारों की बहस होगी, नेताओं की राजनीतिक चर्चा चलेगी, बाल गोपालों का जन्मदिन होगा और बाहर से आए यात्रियों को घर जैसा खाना और आरामदायक माहौल मिलेगा।*
हरिद्वार में रेस्टोरेंट तो बहुत हैं, पर जहाँ फीता 35 बालसखा यानी बचपन के दोस्त एक साथ काटें – वो सिर्फ ‘अरोड़ा का रसोड़ा’ है।
कार्यक्रम में मौजूद अमित पाण्डेय, अमित अरोड़ा, विपुल त्रिखा, डा. हरिराम आर्य इंटर कॉलेज के मुख्य अतिथिगण पूर्व छात्रों सत्य प्रकाश, सत्यदेव राठी, पवन अरोड़ा, सुमित यशकल्याण, राजकुमार, जितेंद्र वीर सैनी, रतनपाल सिंह, अनिल अरोड़ा, राजकुमार शर्मा, भारत भूषण, सुधीर शर्मा, संदीप शर्मा, प्रदीप चौहान, हरीश चौहान, सुनील अरोड़ा, दिनेश शर्मा, अजय शर्मा, मनोज कंडवाल, हैप्पी लालवानी, डॉ. मुकेश शर्मा ने एक सुर में कहा कि ऐसा शानदार कार्यक्रम बार-बार हो।
*पता: अरोड़ा का रसोड़ा (दोस्ती का अड्डा), होटल हेरिटेज, चंद्राचार्य चौक, रानीपुर मोड़, हरिद्वार।*
