
सितारगंज:(अश्वनी दीक्षित) आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सितारगंज में राजनीतिक माहौल तेजी से गरमाने लगा है और विभिन्न दलों की गतिविधियां लगातार तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में हाल ही में कांग्रेस पार्टी का दामन थामने वाले पूर्व विधायक नारायण पाल अब पूरी तरह चुनावी मैदान में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को सितारगंज शहर में नारायण पाल के नेतृत्व में समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद खटीमा रोड स्थित एक हॉल में बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम में राजनीतिक उत्साह साफ दिखाई दिया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक नारायण पाल ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि आज क्षेत्र की स्थिति पर नजर डाली जाए तो राइस मिलर्स कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिडकुल में स्थापित उद्योगों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरी दी जा रही है, जिससे क्षेत्र के शिक्षित युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। नारायण पाल ने यह भी कहा कि क्षेत्र में कई मामलों में बेकसूर लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे आम जनता के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मजबूत समर्थन देने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने विकास, रोजगार, व्यापार और युवाओं के भविष्य को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि यदि जनता का आशीर्वाद मिला तो क्षेत्र के विकास को नई गति दी जाएगी। कार्यक्रम में कांग्रेस नगर अध्यक्ष सरताज अहमद, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह, जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा, हसनैन मलिक, हरपाल सिंह, आजम मालिक, जिलानी अंसारी, पूरन चौहान, राम नगीना प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, मुख्तयार अहमद अंसारी, विपिन खोलिया, शाकिर अली, रंजीत सिंह राणा, नसीम मालिक, मुगनी अहमद, उत्तम आचार्य, नारायण सिंह बिष्ट, अखिलेश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता व सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस जनसभा और प्रदर्शन के बाद स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सितारगंज में सियासी गतिविधियां अब तेजी से बढ़ने लगी हैं और आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है।










