
रुद्रपुर समाज में समावेशिता एवं संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर के विद्यार्थियों द्वारा STAR संस्थान में दिव्यांग बच्चों के साथ एक विशेष सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बच्चों के साथ घुल-मिलकर चित्रकारी, खेलकूद एवं संवाद गतिविधियों में भाग लिया और प्रेम, सहयोग तथा सम्मान का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत चित्रकारी गतिविधि से हुई, जिसमें विद्यार्थियों और दिव्यांग बच्चों ने मिलकर रंगों के माध्यम से अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। इस दौरान बच्चों का उत्साह और रचनात्मकता देखते ही बनती थी। विद्यार्थियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ मिलकर चित्र बनाए, जिससे वातावरण आनंद और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।इसके उपरांत विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों में सभी बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों ने दिव्यांग बच्चों के साथ मिलकर खेलते हुए उनका आत्मविश्वास बढ़ाया तथा आपसी सहयोग और मित्रता का भाव विकसित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह स्पष्ट झलक रहा था।कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग संवाद सत्र रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने दिव्यांग बच्चों से बातचीत कर उनके अनुभवों और भावनाओं को समझने का प्रयास किया। इस संवाद ने विद्यार्थियों को संवेदनशीलता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी का वास्तविक अनुभव प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. माधवी अवस्थी, शकुंतला मेहता, भारती शर्मा, कविता कांडपाल, संगीता सरकार, कोमल, विशेष वरुण एवं दक्ष जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया।
“आज का अनुभव हमारे लिए अविस्मरणीय रहा। हमने सीखा कि सच्ची खुशी दूसरों के साथ समय बिताने और उन्हें समझने में ही है।”अंत में विद्यालय के चेयरमैन श्री सुरजीत सिंह ग्रोवर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि,
“शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना है। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक बेहतर इंसान बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।”वहीं वाइस चेयरमैन श्री हरमन सिंह ग्रोवर ने कहा कि,“दिव्यांग बच्चों के साथ इस तरह का आत्मीय जुड़ाव समाज में समावेशिता की भावना को मजबूत करता है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से, बल्कि सामाजिक रूप से भी जागरूक और संवेदनशील बन रहे हैं।”












