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सितारगंज। हुसैनी मस्जिद वार्ड नंबर 1, दादी मां कॉलोनी में तकमील-ए-कुरआन के मुबारक और रूहानी मौके पर एक अत्यंत सराहनीय, प्रेरणादायक और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पवित्र अवसर पर पूरे क्षेत्र में खुशी, उत्साह और दीनदारी का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में बस्ती के लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की और कुरआन पाक की तकमील की इस खुशी में शामिल होकर अपनी अकीदत का इज़हार किया इस मौके पर हुसैनी मस्जिद के अध्यक्ष एडवोकेट मुशीर अहमद लारी साहब ने बस्ती के जिम्मेदार और जागरूक लोगों के सहयोग से मौलाना जनाब सैयद महबूब अली साहब की खिदमत में एक इलेक्ट्रिक स्कूटी बतौर तोहफा पेश की। यह सम्मान मौलाना साहब की दीन-ए-इस्लाम की खिदमत, बच्चों और नौजवानों को कुरआन की तालीम देने की लगन और समाज में उनकी अहम भूमिका की कद्र के तौर पर दिया गया इस अवसर पर कुरआन पाक सुनाने वाले और सुनने वाले दोनों हाफिजों को भी बेहतरीन इनामात और खास नजराना पेश किया गया। इस कदम से न सिर्फ उनकी हौसला-अफजाई हुई बल्कि दीन की तालीम की अहमियत भी और ज्यादा उजागर हुई कार्यक्रम में मौजूद उलेमा-ए-किराम और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल को बेहद सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह के काम समाज में एक नई सोच को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने इमामों और दीन के खिदमतगारों की इज्जत करते हैं, तो इससे नई नस्ल में भी दीन से मोहब्बत पैदा होती है और समाज में अच्छाई, भाईचारा और एकता मजबूत होती है इस अवसर पर वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज के दौर में जहां लोग दुनियावी कामों में मशगूल होते जा रहे हैं, वहां इस तरह की पहल यह पैगाम देती है कि दीन की खिदमत करने वालों की कद्र करना हमारी जिम्मेदारी है। यह कदम न सिर्फ एक शख्स की इज्जत है बल्कि पूरे दीन और उसकी तालीम की अहमियत को भी उजागर करता है सितारगंज विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में इस तरह का यह पहला मौका है, जब किसी इमाम को इस प्रकार सामूहिक रूप से सम्मानित किया गया। यह पहल यकीनन आने वाले समय में दूसरे इलाकों के लिए भी एक मिसाल बनेगी और लोग इससे प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में भी ऐसे नेक कामों को अंजाम देंगे कार्यक्रम के अंत में मौलाना सैयद महबूब अली साहब ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और दुआ की कि अल्लाह तआला इस बस्ती को हमेशा आबाद रखे, आपसी मोहब्बत और एकता कायम रखे और सबको दीन की खिदमत करने की तौफीक अता फरमाए अल्लाह तआला से दुआ है कि वह इस नेक अमल को कबूल फरमाए, इसमें शामिल सभी लोगों को बेहतरीन अज्र अता करे और इस तरह की भलाई और खिदमत के कामों को आगे भी जारी रखने की तौफीक दे।

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