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गदरपुर । दादी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मां के साथ 2 वर्ष की दूधमुंही बच्ची भी उपकारागार पहुंचाई गई। जिस उम्र में उसे आंगन में खेलना और लोरी सुनकर सोना था अब वह बैरक में मां का आंचल थामे दिन काटेगी लोहे की सलाखों के बीच जब मां की उंगली थामे मासूम बच्ची ने उपकारागार का फाटक पार किया तो उसका बचपन भी जैसे कैद हो गया। जेल प्रशासन के अनुसार नियमों के तहत 6 वर्ष तक के बच्चों को मां के साथ जेल में रहने की अनुमति है इसी प्रावधान के चलते बच्ची को मां से अलग नहीं किया जा सकता । प्रातः फाटक का ताला खुलते ही मां अन्य बंदियों की तरह दैनिक कार्य में जुट जाती है । इस दौरान बच्ची भी मां का पल्लू पकड़े रहती है तो कभी वहां उपलब्ध पुराने खिलौनों से खेलती, है जेल प्रशासन का दावा है कि बच्चों के लिए पोषण, टीकाकरण ,प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था की गई है । महिला बंदी भी उसे दुलार देती हैं ,कोई टॉफी दे देता है तो कोई गोद में उठाकर चुप कराता है विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित और बंद वातावरण बच्चों के मानसिक विकास पर प्रभाव डाल सकता है प्रशासन का कहना है कि बच्चे की समुचित देखभाल की जा रही है

उल्लेखनीय हो दिनेशपुर में पारिवारिक विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया था मारपीट में गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय संध्या शाह की मौत के बाद पुलिस ने बेटे की तहरीर पर बहु समेत 6 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी कोरं न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था । वार्ड नंबर 4 निवासी प्रसन्नजीत शाह उर्फ सोनू ने थाने में तहरीर देकर बताया कि मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे उसकी पत्नी सुरभी शाह से भी विवाद हो गया था आरोप है कि विवाद के बाद पत्नी ने अपने मायके पक्ष के लोगों को घर बुला लिया और लोगों ने एक राय होकर प्रसन्न जीत राय और उसकी मां 70 वर्षीय संध्या शाह के साथ मारपीट की थी । इस दौरान पहुंचे पड़ोसियों के मदद से अस्पताल ले जाए जाने पर चिकित्सकों ने 70 वर्षीय संध्या शाह को मृत घोषित कर दिया था उसकी मां पुलिस ने सुरभी शाह ,उसकी मां सुजाता शाह, बहन दिशा शाह, भाई अमन शाह तथा पीयूष और सुमित निवासी श्याम पुरम कॉलोनी थाना आईटीआई गदरपुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

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