
सितारगंज नगर के कई वार्डो में सिंचाई विभाग द्वारा नोटिस जारी कर नागरिकों से घर खाली करने के लिए कहा गया है इसके विरोध में आज वार्ड नंबर 6 में एक बैठक आयोजित की गई उस बैठक में पूर्व पालिका अध्यक्ष एडवोकेट हरीश दुबे ने सिंचाई विभाग द्वारा बांटे गए नोटिस को नियम विरुद्ध बताते हुए बताया कि सिंचाई विभाग ने उच्च न्यायालय उत्तराखंड की याचिका संख्या 192 / 2024 का हवाला देते हुए नोटिस जारी किए हैं एडवोकेट हरीश दुबे ने बताया कि उक्त याचिका में याचिका कर्ता द्वारा मात्र 6 व्यक्तियों के विरुद्ध सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर खेती करने तथा सरकारी भूमि को बेचने की शिकायत की गई थी दिनांक 26.12.2024 को न्यायालय द्वारा इस याचिका में जो आदेश किया गया उसके अनुसार जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर को यह निर्देश दिए गए थे कि वह तीन वरिष्ठ अधिकारियों के समिति गठित कर जिले की सभी तहसीलों में अतिक्रमण संबंधी शिकायतों की जांच करें और अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों को 15 दिन का नोटिस इस आशय का देना सुनिश्चित करें कि वह अपना पक्ष रखें जिस पर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बनाई गई कमेटी विचार करेगी और यह संपूर्ण प्रक्रिया आठ माह के भीतर पूरी हो जानी चाहिए थी जबकि सिंचाई विभाग ने उच्च न्यायालय के इस आदेश का सही तरीके से अनुपालन नहीं किया और नोटिस में सीधे अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया अतिक्रमण ना हटाने की स्थिति में बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की धमकी दी गई है जो विधि विरुद्ध है और सिंचाई विभाग उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सही तरीके से नहीं कर रहा है दुबे ने कहा कि नोटिस निरस्त होने चाहिए और नए सिरे से सभी नागरिकों का पक्ष जानने के लिए नोटिस दिया जाना चाहिए ताकि उनके पक्ष पर विचार किया जा सके। आज सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि अगर सिंचाई विभाग मनमानी तरीके से है हटधर्मिता अपनाएगा और नागरिकों के घरों को क्षति पहुंचाएगा तो इसके विरुद्ध उच्चन्यायालय उत्तराखंड की शरण ली जाएगी आज बैठक में हरीश दुबे के अतिरिक्त गुरविंदर सिंह ,नारायण सिंह, बाबूराम, सतीश गुप्ता, बलदेव प्रसाद, मनीष कुमार ,सतीश रस्तोगी, अनमोल, राकेश, मानसिंह ,दुर्गा प्रसाद आदि उपस्थितथे










