
गिरोह बनकर घटना को अंजाम देने वाली दो युवतियों सहित तीन को पुलिस पूर्व में कर चुकी है गिरफ्तार


गदरपुर। गदरपुर में सामने आए हनी ट्रैप और रंगदारी मामले में पुलिस की विवेचना लगातार आगे बढ़ रही है। ताजा जांच में पुलिस ने आठ और लोगों के नाम शामिल किए हैं। इनमें से तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक जुटा गए साक्ष्यों,कॉल डिटेल और बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हुई है। विवेचना पूरी होने के बाद सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। विदित हो कि बीती 26 जनवरी को ग्राम मडियान शादी जिला रामपुर निवासी दाऊद ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया था कि महिला गैंगस्टर जौहर उर्फ महक ने फेसबुक आईडी के माध्यम से संपर्क कर उसे गदरपुर बुलाया था। यहां अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उससे गालीगलौज, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी थी। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 40 हजार रुपये नकद व 95 हजार रुपये ऑनलाइन जबरन वसूल कर लिए थे। गदरपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जौहर उर्फ महक (25) निवासी चादर बाला बाग मोहल्ला जिला अस्पताल रामपुर, राबिया (20) निवासी राजद्वारा कोने वाली गली कोतवाली रामपुर और रोहन (22) निवासी स्वार गेट मुड़िया नदार बाग रामपुर को गिरफ्तार किया था। उक्त घटना में शामिल अन्य नामजद दीपक, राहुल और शिवम उर्फ हैप्पी की तलाश की जा रही है। मामलें में आठ और संदिग्धों के नाम सामने आए है। गदरपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के अनुसार,यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे रंगदारी वसूलता था। पुलिस ने पीड़ितों के बयान मोबाइल कॉल डिटेल,चाट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है। विवेचना में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में संपर्क में रहकर वारदात को अंजाम देते थे।








