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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 4 अप्रैल 2010 को नक्सली हमले में शहीद हुए लौका गांव के बृजानंदन का परिवार गांव के मुख्य द्वार पर नाम अंकित कराने को लेकर दर-दर भटक रहा है।शहीद बृजानंदन के परिवार ने भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्मृति द्वार पर शहीद का नाम अंकित कराने की स्थानीय प्रशासन से मांग की है। शहीद बृजानन्द के पिता गामा प्रसाद का कहना है कि हमारे परिवार से प्रशासन और नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे शहीद के नाम पर सडक और शहीद द्वार का लिखित आदेश भी है लेकिन उसके बाद भी द्वार पर नाम अंकित नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन के उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए पत्राचार को भी मीडिया के सामने रखा। जिसमें उच्च अधिकारियों ने जिला अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शहीद के नाम पर रोड निर्माण के आदेश भी दिए गए हैं। आदेश के बाद भी धरातल पर शहीद के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने कहा कि छोटी मानसिकता के लोग शाहिद के नाम पर राजनीति कर शहीद का अपमान कर रहे हैं उन्होंने कहा उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शाहिद का नाम अंकित करने की मांग करेंगे अगर द्वार पर नाम अंकित नहीं होता है तो इसके लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

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