
सितारगंज 57वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के लिए एक अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण क्षण रहा, जब वाहिनी के कमांडेंट श्री मनोहर लाल को लगभग 40 वर्षों की विशिष्ट, अनुकरणीय एवं समर्पित सेवा के उपरांत सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कमांडेंट श्री मनोहर लाल ने वर्ष 1986 में सशस्त्र सीमा बल में प्रवेश किया। सेवा के प्रारंभिक वर्षों से ही उन्होंने अनुशासन, कर्मठता एवं उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। वर्ष 1986 से 1993 तक उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की केंद्रीय वॉलीबॉल टीम का नेतृत्व करते हुए बल को खेल जगत में राष्ट्रीय पहचान दिलाई।। वर्ष 2014 में राष्ट्रपति विशेष सेवा पदक से सम्मानित किया जाना उनके उत्कृष्ट सेवाकाल की स्वाभाविक पहचान है। वर्ष 2023 में कमांडेंट श्री मनोहर लाल की पदस्थापना 57वीं वाहिनी में हुई, जहाँ उनके सक्षम नेतृत्व में सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक एवं प्रचालनात्मक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सीमा चौकियों के विकास, संचार व्यवस्था, सुरक्षा फेंसिंग तथा जवानों के कल्याण से जुड़े अनेक उल्लेखनीय कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वे सदैव बिना किसी औपचारिकता के जवानों के बीच उपलब्ध रहे, उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना तथा त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया। सेवानिवृत्ति के अवसर पर वाहिनी द्वारा महानिदेशक महोदय की ओर से प्रेषित प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर कमांडेंट महोदय को विधिवत सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के समस्त अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आज जब कमांडेंट श्री मनोहर लाल इस वाहिनी को विदा कर रहे हैं, तब उनके द्वारा स्थापित अनुशासन, कार्यसंस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की विरासत वाहिनी के प्रत्येक कार्मिक को निरंतर प्रेरणा प्रदान करती रहेगी। इस अवसर पर डॉ. बी.बी. सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी (चिकित्सा), श्री दीपक सिंह जायडा, उप कमांडेंट, श्री अनिल कुमार, उप कमांडेंट, श्री अरविंद कुमार, सहायक कमांडेंट (संचार) सहित अन्य अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।











