
वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के अनुरोध पर 39वां नेत्रदान संपन्न


दिनांक 1 फरबरी को गिरिताल निवासी श्री रमेश चंद सहगल जी के देहावसान के पश्चात पत्नी श्री मति अर्चना सहगल जी व उनके सुपुत्र श्री संदीप सहगल जी एडवोकेट व पौत्र शाश्वत सहगल जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
बाबू की आंखें अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी बनकर उजाला फैलाएंगी।
वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर की देखरेख में बाबू जी का नेत्रदान मुरादाबाद से आई सी एल गुप्ता आई हॉस्पिटल की टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो
परिवार के महान व्यक्तित्व का अद्भुत प्रतीक है व बाबूजी की धार्मिक प्रवृत्ति के अनुरूप है।
वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के संस्थापक सदस्य अनुज सिंघल जी ने बताया कि सनातन समाज में महर्षि दधीचि, राजा शिवि जैसे महान दानी हुए जिन्होंने जनहित में अपनो अंगों का दान किया। उन्होंने बताया कि भारत में नेत्रदान की भारी कमी है, जहाँ हर साल लगभग 2 लाख कॉर्निया की आवश्यकता के मुकाबले केवल 55,000 के आसपास ही मिल पाते हैं। 12 लाख से अधिक लोग कॉर्निया से संबंधित अंधेपन से जूझ रहे हैं।
कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल जी ने बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न इस महान कार्य के प्रति संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, अनुज सिंघल जी, सौरभ अग्रवाल जी, सचिव प्रियांशु बंसल जी व नेत्रदान प्रकल्प संयोजक सीए सचिन अग्रवाल जी ने परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आह्वान किया।
इस महान नेत्रदान में नगर के समाजसेवी श्री राजकुमार सेठी जी का विशेष सहयोग रहा।








