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वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के अनुरोध पर 37वां नेत्रदान संपन्न

दिनांक 28 जनवरी को बाजपुर रोड निवासी श्री मति उमा सेठ जी के देहावसान के पश्चात उनके सुपुत्र श्री अनुज सेठ जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

माता जी की आंखें अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी बनकर उजाला फैलाएंगी।
परिवार के अनुरोध पर वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के देखरेख में माता जी का नेत्रदान मुरादाबाद से आई सी एल गुप्ता आई हॉस्पिटल की टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो
परिवार के महान व्यक्तित्व का अद्भुत प्रतीक है व माता जी की धार्मिक प्रवृत्ति के अनुरूप है।

वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के संस्थापक सदस्य सचिन अग्रवाल जी ने बताया कि सनातन समाज में महर्षि दधीचि, राजा शिवि जैसे महान दानी हुए जिन्होंने जनहित में अपनो अंगों का दान किया। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग सोचते हैं कि नेत्रदान के दौरान पूरी आंख निकाल दी जाती है, जिससे आंख का सॉकेट खाली रहता है, जो सच नहीं है। सामान्यतः केवल कॉर्निया जो आंख की सबसे बाहरी परत होती है, जो आसानी से निकाली जाती है व नेत्रदान करने से किसी प्रकार का देह भंग नही होता है।
सचिव प्रियांशु बंसल जी ने बताया कि नेत्रदान करवाने के लिए वसुधैब कुटुम्बकम् के नेत्रदान सहायता हेतु (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है। वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर के तत्वाधान में सम्पन्न इस महान कार्य के प्रति सचिव प्रियांशु बंसल नेत्रदान प्रकल्प संयोजक सीए सचिन अग्रवाल ने परिवार का आभार व्यक्त किया और परम पिता परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की प्रार्थना की तथा क्षेत्र वासियों से मरणोपरांत नेत्रदान कराने में सहयोग का आह्वान किया।
परिवार द्वारा किये गये नेत्रदान में नगर के समाजसेवी श्री राजकुमार सेठी जी, राजीव घई जी एवम गुरविंदर चंडोक जी का विशेष सहयोग रहा।

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