
हल्द्वानी । वाहन का चालन छुड़ाने सीधे कोर्ट नहीं जा सकेंगे
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटरयान तीसरा संशोधन नियम 2026 के अधिसूचना 20 जनवरी को जारी कर दिया है अब साल में पांच बार चालान काटने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होगा और चालान छुड़ाने के लिए सीधे कोर्ट जाने का सस्ता भी बंद कर दिया गया है
देशभर में लागू की गई नई अधिसूचना के अनुसार अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी उत्तराखंड उत्तर प्रदेश दिल्ली बिहार सहित सभी राज्यों में यह व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है मंत्रालय का उद्देश्य न्यायालय में लंबित मामलों का बोझ कम करना और ई चालान प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबध्द बनाना है नए नियमों के तहत एएनपीआर ऑटोमेटिक नंबर प्लेटरिडर सिस्टम और ई चालान को 15 दिन की जगह अधिकतम तीन दिन के भीतर वाहन स्वामी तक भेजना अनिवार्य होगा
चालान होने पर 45 दिन में दर्ज करानी होगी आपत्ति
नए नियमों के अनुसार यदि चालक को लगता है कि चालान गलत है तो वह 45 दिनों में परिवहन या पुलिस विभाग में आपत्ति दर्ज कर सकेगा संबंधित विभाग को भी 30 दिनों में आपत्ति का निस्तारण करना होगा अब चालान काटने के बाद चालक या वाहन स्वामी सीधा कोर्ट नहीं जा सकेंगे आधा जुर्माना जमा करने के बाद ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की अनुमति मिलेगी|अधिसूचना मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है और राज्यों को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं वाहन स्वामियो से लंबित चालानो का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की है अरविंद पांडे आरटीओ प्रवर्तन हल्द्वानी
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