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नानकमत्ता। नगर में स्थित श्री गुरुनानक देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं व एनएसएस स्वयंसेवियों ने राष्ट्रीय युवा दिवसको धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आरंभ प्राचार्य डॉ. सीता मेहता, डॉ. नीतू, डॉ. राधा बिष्ट पवार, मंच का संचालान कर रहे संस्कृत विभाग के डॉ. मनोज कुमार जोशी, कम्प्यूटर सहायक पंकज सिंह बोहरा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन व स्वामी विवेकानंद की फोटो पर माल्यार्पण कर किया । इस राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीता मेहता ने की। उन्होंने कहा कि विवेकानंद को आधुनिक युग का महान आध्यामिक नेता एवं युवा पीढ़ी का मार्ग दर्शक माना जाता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से विवेकानंद के राष्ट्रीय भक्ति एवं भारतीय संस्कृति के मूल विचार धाराओं को अपनाकर राष्ट्रीय निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं व एनएसएस स्वयंसेवियों ने रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कम्प्यूटर सहायक पंकज सिंह बोहरा ने बताया कि विभिन्न स्थानों में 12 जनवरी से 18 जनवरी तक युवा पीढ़ी से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जहां पर शिक्षा, समाज सेवा, सहकारिता, मनरेगा, सफाई अभियान, प्रभात फेरी, सदभावना रैली, वस्तुओं की प्रदर्शनी तथा विभिन्न विभागों से मिलने बारे योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह से कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को जागरूक और प्रेरित करके उन की भागीदारी को समाज सेवा के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला तथा महाविद्यालय द्वारा निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस मौके पर मंच का संचालान कर रहे संस्कृत विभाग के डॉ. मनोज कुमार जोशी ने छात्र-छात्राओं व एनएसएस स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में हर साल 12 जनवरी का दिन ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा के नाम होता है। इस दिन हम राष्ट्रीय युवा दिवस मनाते हैं। यह केवल एक कैलेंडर तारीख नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का एक अवसर है। युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं की सोच और उनकी कार्यक्षमता पर निर्भर करती है। स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनका मानना था कि युवा शक्ति ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। उनके इसी विजन को सम्मान देने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में घोषित किया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को विवेकानंद के आदर्शों पर चलने के लिए प्रोत्साहित करना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है।इस अवसर पर डॉ. गोपाल सिंह, श्री मनोज कुमार, ज्योति राणा, डॉ. राधा बिष्ट, डॉ. नीतू, डॉ. आरती राणा, श्रीमती ममता राणा, काजल बर्मन, डॉ. किरन, रेनु थापा, मनप्रीत कौर, पुस्तकालय सहायक प्रगति राणा, कार्यालय लिपिक श्रीमती पूनम राणा और देव राम सहित अन्य उपस्थित रहे।








