
आजकल युवाओं में नशे का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है विश्व स्वास्थ्य संगठन who के अनुसार शराब व नशीली दवाओं के सेवन से प्रतिवर्ष 30 लाख से ज्यादा लोगो की मौत होती है 2021मे सिर्फ नशीली दवाओं के उपयोग के कारण वैश्विक स्तर पर 137,278मौते हुई। नशे की शुरुआत युवा वर्ग शौक,शौक मे शुरू करता है या किसी तनाव के कारण या सामाजिक स्टेट्स को बढ़ाने व दिखावे के लिए इसकी शुरुआत होती है धीरे-धीरे इन नशो की ऐसी लत लगती है कि वह व्यक्ति इसकी इन नशो के चंगुल में फंस जाता है व इसकी लत का शिकार बन जाता है इससे उसका स्वास्थ्य ही प्रभावित नहीं होता बल्कि सामाजिक व आर्थिक जीवन भी प्रभावित होता है वह समाज में अपना विश्वास खोता है मानसिक रूप से व्यक्ति अवसाद, कैंसर जैसी जानलेवा बिमारी,चिन्ता व गुस्से का शिकार हो जाता है उसका अपने शरीर पर से नियंत्रण खोने लगता है आजकल स्कूल, कालेजों के आसपास ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय हो जाते हैं जिसका प्रभाव स्कूल कालेज आने जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ता है पहले पहल यह पैडलर बच्चों को फ्री में नशा उपलब्ध कराते हैं फिर धीरे-धीरे नशे की लत का शिकार बन जाते हैं वह अपनी पढ़ाई में भी पिछड़ जाते हैं नशे के लिए पैसे का इन्तजाम न होने बच्चे पर फिर चोरी की आदत का भी शिकार बन जाते हैं घर में मार पीट करते हैं जहरीली कच्ची शराब पीने से बीते दिनों क ई लोगों की मृत्यु हुई ।आजकल बीड़ी,सिगरेट,चरस,स्मैक,गोगो, सिंथेटिक ड्रग्स व नशीली दवाओं का उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है भारी मुनाफे के कारण ड्रग्स पेडलर व इसका व्यवसाय दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है लोग बच्चो व महिलाएं को भी इस कार्य में शामिल कर रहे हैं इससे घरों में तनाव, हिंसा व आर्थिक तंगी निरंन्तर बढ़ रही है नशे के कारण परिवार टूट रहे हैं बच्चे अनाथ हो रहे हैं व विधवाओं की संख्या में इजाफा होता रहा है बूढ़े मां-बाप की लाठी का सहारा छिन रहा है उन्हें जीवन भर इस दर्द से दो-चार होना पड़ता है 2020को भारत सरकार ने नशा मुक्ति अभियान के लिए नियम बनाए हैं प्रदेश स्तर पर भी नशामुक्ति अभियान सरकार ने चलाये है कई संस्थाओ द्वारा भी नशामुक्ति अभियान चलाए जा रहे हैं जिनमें नशे से ग्रसित मरीजों का इलाज संभव हो सका है नशा एक धीमा जहर है जो व्यक्ति व समाज दोनों को बर्बाद करता है हमें नशे से दूर रहना चाहिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए एक स्वस्थ,सफल,व नशा मुक्त समाज की स्थापना में योगदान देना चाहिए जिससे नशे रुपी बुराई को जड़ से उखाड़ कर फेंक सकेप्रस्तुति,, नरेश छाबड़ाआवास-विकास










