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भाजपा जिला कार्यालय रुद्रपुर में प्रेस वार्ता हुई संपन्न
मुख्य वक्ता पूर्व सांसद बलराज पाशी, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मीडिया संयोजक विजय तोमर, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु शुक्ला, जिला कोषाध्यक्ष रोशन अरोरा,जिला सोशल मीडिया संयोजक अक्षय गहलोत, कार्यालय मंत्री मोर सिंह, सह कार्यालय मंत्री सुरेंद्र चौधरी एवं कार्यकर्त्ता मौजूद रहे

देवभूमि उत्तराखण्ड में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज उत्तराखण्ड न सिर्फ धार्मिक पर्यटन में अग्रणी बन रहा है, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केन्द्र सरकार की 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओ का राज्य में कार्य चल रहा है

  1. केदारनाथ–बद्रीनाथ मास्टर प्लान और चार धाम विकास

बाबा केदार की नगरी श्री केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य आधुनिक तकनीक और पारम्परिक कला दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।
बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत सड़क, पार्किंग, आवासीय सुविधाओं और तीर्थ यात्रियों के लिए सभी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
सुव्यवस्थित यात्रा मार्गों का व्यापक कायाकल्प हो रहा है जिससे यात्रा अब भी सुरक्षित, सुगम और पर्यावरणीय रूप से भी टिकाऊ बने।

  1. केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना

नवीन रोपवे से श्रद्धालुओं की यात्रा में समय की बचत होगी और धामों तक पहुँच और सुगम होगी।
यह परियोजना एक विश्वस्तरीय पर्यटन ढाँचे का उदाहरण बनते जा रही है।

  1. ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना

यह परियोजना उत्तराखण्ड की लाइफलाइन बन रही है।
इससे न केवल पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि आपदा के समय राहत कार्यों में भी गति आएगी।
पर्यटकों, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

  1. सोंग व जमरानी बाँध परियोजनाएँ

ये उत्तराखण्ड के जल संकट के दीर्घकालिक समाधान का माध्यम हैं।
सोंग बाँध देहरादून और आस-पास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।
जमरानी बाँध कुमाऊँ क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और विद्युत उत्पादन में योगदान देगा।

  1. जल जीवन मिशन – हर घर जल योजना

हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है।
अब हजारों पहाड़ी गाँवों में नल से जल पहुँच रहा है, जिससे महिलाओं का समय बचा है और जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

  1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
    लाखों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिल रही है।
    इससे छोटे किसानों की आय में स्थिरता और आत्मनिर्भरता आई है।
  2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
    प्राकृतिक आपदाओं और फसलों के नुकसान से किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
  3. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY)
    दुर्गम पहाड़ी इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
    सड़कें बनने तक पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण सुविधा हुई है।
  4. प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण एवं शहरी
    गरीब परिवारों को एक मकान दिया जा रहा है।
    यह “सबके लिए आवास” के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।
  5. आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (और आयुष्मान उत्तराखंड)
    लाखों परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।
    बीमारी के कारण गरीब होने वाले परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
  6. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
    गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सहायता राशि दी जा रही है,
    जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
  7. प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना (MSME) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
    युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर और छोटे उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।
    राज्य में उद्यमिता की भावना को बल मिला है।
    यह उत्तराखंड के युवा उद्यमियों की नई डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है —
    विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य की दिशा में।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का “विकसित भारत @2047” का सपना उत्तराखंड में धरातल पर उतरने का कार्य निरंतर जारी

खनन से राज्य को मिली प्रोत्साहन राशि धामी सरकार की पारदर्शी नीति का नतीजा:

एक वर्ष में कांग्रेस जितना लाभ खनन से राज्य को नहीं दिला पायी, उतनी उनसे अधिकतम धामी सरकार पुरस्कार के रूप में अर्जित कर रही है।
उत्तराखण्ड के खनन क्षेत्रों में सुधार कार्यों के लिए अनुमोदन हेतु ₹100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि को प्राप्त होना राज्य की पारदर्शी नीति का नतीजा और सीएम पुष्कर सिंह धामी को आभार व्यक्त किया!
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पारदर्शी नीति, उत्कृष्ट प्रदर्शन और ‘लगातार सुधार’ ने केंद्र को एक बार फिर राज्य सरकार के समर्थन में प्रोत्साहन राशि प्रदान करने में सक्षम बनाया है।

केंद्र के खान मंत्रालय ने वर्ष 2025–26 की विशेष सहायता योजना (SASIC) के तहत उत्तराखण्ड के माइनर मिनरल्स रिफॉर्म मे ₹100 करोड़ की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित ‘मिनरल समिट’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ₹10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली, जो कि अब तक की सर्वश्रेष्ठ राशि में से एक है।

खनन नीतियों में बदलाव उत्तराखण्ड को कुल ₹200 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है।
पिछले कुछ वर्षों में खनन सुधारों से जो बेहतर नीतियाँ बनी हैं, वो निवेशकर्ताओं को आकर्षित कर रही हैं और खनन सेक्टर में राज्य को नंबर-1 स्थान दिलाने मे सहयोग किया है

खनन विभाग के बेहतर प्रबंधन तथा नई नीतियों ने न केवल स्थानीय खदानों में बचत सुनिश्चित की है, बल्कि प्रदेश में खनन कार्यों से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते हुए उद्योगों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खनन विभाग की नई योजनाएँ किसानों की आजीविका में भी वृद्धि होरही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

इस उपलब्धि के साथ यह स्पष्ट है कि उत्तराखण्ड का खनन क्षेत्र राज्य सरकार के लिए ‘राजस्व का प्रमुख स्रोत’ सिद्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस खनन मामलों में आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करती रही है, लेकिन धामी सरकार ने यादगार ढंग से साबित किया है कि पारदर्शी नीति के बल पर राज्यों को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

एक वर्ष में भाजपा जितना लाभ खनन से राज्य को नहीं दिला पायी, उतना धामी सरकार अर्जित कर चुकी है।
वहीं खनन से 4 गुना राजस्व अर्जित करने की सफलता धामी सरकार अर्जित कर चुकी है।
खनन में पारदर्शी नीति के वुते धामी सरकार आगे बढ़ रही है जिसके परिणाम राज्य हित में सुखद हैं।

भाजपा
जिला मीडिया संयोजक
विजय तोमर

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