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वसुधैब कुटुम्बकम् के अनुरोध पर 21वां नेत्रदान

ब्रह्मलीन श्री किशन लाल मेहंदीरत्ता जी (निवासी C-15, प्रकाश रेजीडेंसी,काशीपुर) के देहावसान के पश्चात उनकी पत्नी श्रीमती बीना रानी जी,
पुत्री अंजू कालरा जी, मंजू खुराना जी, रुचि सेठी जी, सोनिया अरोरा जी और दामाद जी सी कालरा जी, अमित खुराना जी, सचिन सेठी जी, लोकेश अरोरा जी ने नेत्रदान हेतु सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
बाबू जी की मृत्यु के बाद भी अब उनकी दान की गयी आँखों (केवल कॉर्निया/ ऊपर की झिल्ली) से दो लोगों के नेत्र प्रकाशित होंगे । श्री किशनलाल मेहंदीरत्ता जी अपने जीवनकाल में स्वयं धार्मिक व सेवा कार्यो में सलंग्न रहे एवम यह कार्य भी उनकी उसी प्रवर्ति के अनुरूप रहा।
श्री किशनलाल मेहंदीरत्ता जी के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर 7 सितम्बर को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के अनुरोध पर प्रकाश रेजीडेंसी सोसायटी के सक्रिय सचिव वैभव गुप्ता जी, राजीव सेतिया डम्पी जी, अमित विज जी, अजय अग्रवाल जी के सहयोग से, कागजी औपचारिकता पूरी कर नेत्रदान की प्रकिया सम्पन्न हुई ।
संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी ने बताया कि नेत्रदान से कोई अंग भंग नहीं होता है व केवल ऊपर की झिल्ली निकाली जाती है तथा नेत्रदान हेतु नेत्रदान सहायता (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।
21वें नेत्रदान के अवसर पर संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, प्रियांशु बंसल जी ने उपस्थित रहते हुए दानी परिवार के प्रति आभार प्रकट किया व ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की कामना की ।
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