ब्रह्मालीन श्रीमती राधा मेहरोत्रा जी (पत्नी स्व. जगत नारायण मेहरोत्रा जी, माता मंदिर मार्ग ) के देहावसान के पश्चात उनके पुत्र श्री विवेक मेहरोत्रा जी, श्री विनीत मेहरोत्रा जी एवम श्री विपुल मेहरोत्रा जी ने नेत्रदान की सहमति प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
माता जी की मृत्यु के बाद भी अब उनकी दान आँखों (केवल कॉर्निया/ ऊपर की झिल्ली) से दो लोगों के नेत्र प्रकाशित होंगे । श्रीमती राधा मेहरोत्रा जी अपने जीवनकाल में स्वयं धार्मिक व सेवा कार्यो में सलंग्न रहीं एवम यह कार्य भी उनकी उसी प्रवर्ति के अनुरूप रहा।
श्रीमती राधा मेहरोत्रा जी के ब्रह्मलीन होने के समाचार पर 29-30 अगस्त की मध्यरात्रि को वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के अनुरोध पर कागजी औपचारिकता पूरी कर नेत्रदान की प्रकिया सम्पन्न हुई ।
इस अवसर पर समाजसेवी सुनील टण्डन जी ने वसुधैब कुटुम्बकम् काशीपुर के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए बताया कि 20 साल पहले इनके सगे भाई का भी मुरादाबाद में नेत्रदान हुआ था और महर्षि दधीचि के देह दान जैसे श्रेष्ठ दान-नेत्र दान कराने हेतु वसुधैव कुटुंबकम् काशीपुर की टीम की इतनी रात्रि में भी सक्रियता सराहनीय है । संस्था के संस्थापक सदस्य दीपक मित्तल जी ने बताया कि नेत्रदान से कोई अंग भंग नहीं होता है तथा नेत्रदान हेतु नेत्रदान सहायता (24×7)
98370 80678 या 9548799947 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।
रात्रि में 19 वें नेत्रदान के अवसर पर संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, प्रियांशु बंसल जी, सीए सचिन अग्रवाल जी ने उपस्थित रहते हुए दानी परिवार के प्रति आभार प्रकट किया व ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति की कामना की ।







