- महापौर ने की रूद्रपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क और नेताजी बोस की बड़ी प्रतिमा लगाने की घोषणा
- बंगाली समाज के बुजुर्गों को किया सम्मानित
रूद्रपुर। नगर निगम सभागार में मंगलवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर बंगाली समाज की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी गई और उस त्रासदी को झेलने वाले बंगाली समाज के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा ने आवास विकास में विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क और काशीपुर रोड गावा चौक पर महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की बड़ी प्रतिमा लगाने की घोषणा की। कार्यक्रम के उपरांत भगत सिंह चौक तक तिरंगा यात्रा भी निकाली गयी।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री उत्तम दत्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, भाजपा नेता विवेक सक्सेना, अमित नारंग, बंगाली महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साहा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
काय्रक्रम में महापौर विकास शर्मा ने कहा कि यह केवल इतिहास नहीं, पीड़ा की जीवंत स्मृति है। 15 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय केवल एक तिथि को याद करना नहीं, बल्कि उस असहनीय पीड़ा को पीढ़ियों तक संजोकर रखने का प्रयास है, जिसे हमारे पंजाबी और बंगाली भाई-बहनों ने झेला। लाखों लोगों को अपने पूर्वजों की भूमि, संस्कृति और स्मृतियों को पीछे छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा। धर्म के आधार पर किया गया बंटवारा आज भी हमें पीड़ा देता है। यह इतिहास नहीं, यह हमारे समाज की जड़ों में समाई पीड़ा है। महापौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के माध्यम से वर्षों से अपने ही देश में पहचान को तरसते लोगों को अधिकार मिले हैं। उन्होंने कहा सीएए ने उन लाखों लोगों को न्याय दिया है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत लौटे। बंगाली समाज इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। मुख्यमंत्री धामी जी के प्रयास से नागरिकता प्रमाणपत्रों से ‘पूर्वी पाकिस्तान’ जैसे गुलामी के प्रतीक शब्द को हटाना भी एक ऐतिहासिक निर्णय है। आज सीएम धामी के नेतृत्व में लैंड जिहाद, लव जिहाद, धर्मांतरण के खिलाफ बडे और ऐतिहासिक फैसले लेकर जिहादियों को सबक सिखाने का काम किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि आज हमें अपनी बच्चों को अपने इतिहास के बारे में बताना जरूरी है और राष्ट्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है।
महापौर ने कार्यक्रम में घोषणा की कि नगर निगम रूद्रपुर द्वारा आवास विकास क्षेत्र में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति पार्क’ की स्थापना की जाएगी। इस पार्क में एक स्मृति शिलापट भी होगा, जिसमें विस्थापित होकर आये पंजाबी और बंगाली समाज के पूर्वजों के नाम अंकित किए जाएंगे। इसके अलावा काशीपुर रोड गावा चौक पर महान क्रांतिकारी सुभाष चन्द्र बोस जी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जायेगी। महापौर ने कहा कि सीएम धामी ने रूद्रपुर में बंग भवन स्थापना की घोषणा की थी, जिसके लिए नगर निगम ने स्थान चिन्हित कर लिया है, इसकी भूमि हस्तांतरण के लिए कुछ तकनीकी अड़चनें आ रही हैं इसको लेकर जल्द ही जिला प्रशासन से वार्ता की जायेगी। महापौर ने कहा कि ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र में नेताजी सुभाष पार्क को नगर निगम जल्द ही रजत जयंती पार्क के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसके लिए 1.60 करोड़ का बजट शासन से मंजूर हो गया है। इसके अलावा बंगाली बाहुल्य क्षेत्रों में विकास के जो भी काम होने हैं उन्हें भी प्राथमिकता से पूरा कराया जायेगा।
कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री उत्तम दत्ता ने कहा कि बंगाली समाज ने विभाजन की त्रासदी के बाद भी अपने आत्मबल और मेहनत के दम पर रूद्रपुर और पूरे उत्तराखंड के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है। यह समाज सहनशीलता, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। विभाजन के जख्म आज भी हरे हैं, लेकिन इस समाज ने उन्हें अपनी शक्ति बना लिया है। भाजपा नेता तरूण दत्ता ने कहा कि बंगाली समाज का यह दायित्व बनता है कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताया जाए कि आज जो आजादी और अधिकार हैं, वह किस मूल्य पर प्राप्त हुए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि यह सिर्फ विभाजन नहीं, मानवीय त्रासदी थी। विभाजन कोई भौगोलिक प्रक्रिया नहीं थी, यह एक मानवीय त्रासदी थी। लाखों लोग बेघर हुए, हजारों बलिदान हुए, और न जाने कितनों का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया। यह दिन हमें उस पीड़ा की याद दिलाता है, जिसे हमारे देशवासियों ने सहा। खासकर बंगाली समाज ने इस पीड़ा को जिस गरिमा और साहस के साथ झेला, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यह समाज आज भी अपने पूर्वजों की स्मृतियों को संजोए हुए है और राष्ट्र निर्माण में निरंतर अपना योगदान दे रहा है।
विधायक शिव अरोरा ने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज और पंजाबी समाज ने विभाजन विभीषिका में जो पीड़ा और दर्द सहा है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह वास्तव में एक बड़ी त्रासदी थी। इसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोरा सहित अन्य अतिथियों ने विभाजन की त्रासदी को झेलने वाले बंगाली समाज के वरिष्ठ नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के पश्चात नगर निगम से भगत सिंह चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली गयी।
कार्यक्रम का संचालन गणेश सरकार द्वारा किया गया। कार्यक्रम के पश्चात सभी ने भगत सिंह चौक तक मौन जुलूस निकाला। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक गोविंद राय, सह संयोजक मानवेन्द्र राय, अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम,शालिनी बोरा, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, के के दास, सुरेश कोली, रोशन अरोरा, तरूण दत्ता, मोहन तिवारी, पारस चुघ, नारायण महाजन, प्रभाष स्वर्णकार, अशोक विश्वास, राजू कोली, कमल पाल, सतनाम सिंह, अखिल विश्वास, निखिल विश्वास, शिव कुमार दास, जुडन मंडल, श्यामल राय, विकास मंडल, मधु सरकार, डॉ. दीपक, तपन साना, राहुल, सरोज राय, नारायण विश्वास, लतिका, श्रीकांत राठौर, सतनाम सिंह, पूरन राय, परिमल राय, मोनू सरकार सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति और नागरिक उपस्थित रहे।














