Month: January 2026

सविधान की जानकारी के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

गदरपुर । ग्राम सभा सरदारनगर (पथरकुई) में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश,उल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान साबिर हुसैन,चंद्रजीत सुधा,वरिष्ठ समाजसेवी सागर गाबा व नजीर…

अवैध मंगलवार बाज़ार के खिलाफ व्यापारियों का हुंकार, रूद्रपुर में जिला अध्यक्ष से की तीखी शिकायत

किच्छा।देवभूमि व्यापार मंडल किच्छा के कार्यकारी अध्यक्ष जगरूप सिंह गोल्डी के नेतृत्व में व्यापारियों का एक आक्रामक शिष्टमंडल सोमवार को रूद्रपुर पहुंचा और देवभूमि व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष गुरमीत…

स्वास्थ्य शिविर में ऑर्गेनिक खेती पर दिया गया जोर

गदरपुर । यीशु भक्त सत्संग सोसायटी और द होली टच फाउंडेशन ट्रस्ट के सौजन्य से ग्राम बलखेड़ा और बलखेड़ा नं. 2 मे स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें गांव…

गणतंत्र दिवस पर देश की सुख समृद्धि के लिए की गई प्रार्थना

गदरपुर । यीशु भक्त सत्संग सोसाइटी और दी होली टच फाउंडेशन ट्रस्टग्राम रामजीवनपुर न03 गदरपुर में गणतंत्र दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया गया जिसमें ग्राम वासी भी शामिल…

गणतंत्र दिवस पर महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की एकता की शपथ ली

काशीपुर : गणतंत्र दिवस के अवसर पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ध्वजरोहण कर देश की एकता और अखंडता की शपथ ली । स्थानीय मोहल्ला काजीबाग स्थित झंडा चौक पर महानगर कांग्रेस…

निवाला प्यार का,ज़रिया बना पहचान का : अदिति

गदरपुर/देहरादून । समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय को अपनी पहचान बनाने के लिए आज भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन देहरादून की अदिति शर्मा ने इन…

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का रोचक इतिहासलाल बिहारी लालसदियों की गुलामी के बाद आजादी की पहली मांग सन् 1857 ईस्वी में पुरजोर तरीके से उठी उसी समय राष्ट्र के ध्वज बनाने की योजना बनी परंतु पहले स्वतंत्रता संघर्ष के परिणाम को देखकर झंडे की मांग बीच में ही अटक गई । वर्तमान स्वरूप में विद्यमान झंडा कई चरणों से होकर गुजरा है । प्रथम चित्रित ध्वज स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता द्वारा 1904 में बनाया गया था औऱ इसे 7 अगस्त 1906 के कोलकाता में कांग्रेस के अधिवेशन में फहराया गया था ।इस ध्वज को क्षैतिज तीन रंगो लाल, पीला एवं हरे रंग की क्षौतिज पट्टियां बनाया गया था ।ऊपर की ओर हरी पट्टी में आठ कमल थे जिनका रंग सफेद था , नीचे की लाल पट्टी में सूरज और चांद बनाए गए सफेद रंग से बनाये गए थे बीच की पीली पट्टी पर नीले रंग से वंदे मातरम लिखा गया था।द्वितीय ध्वज की बात करें तो सन 1907 ईस्वी में मैडम भीका जी कामा और कुछ अन्य निर्वाचित क्रांतिकारियों ने मिल कर पेरिस में पहली बार फहराया था। तृतीय चित्र ध्वज की बात करें तो 1917 ईस्वी में राजनीतिक संघर्ष के दौरान एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान फहराया था। इस ध्वज में पांच लाल और चार हरे क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक और सप्तऋषि के अभिविन्यास में इस पर सात सितारे बने थे ।ऊपरी किनारे पर बायी और यूनियन जैक था । उपर दायी तरफ एक कोने में सफेद अर्द्धचंद्र और सितारा भी था । कांग्रेस के विजयवाड़ा अधिवेशन में एक युवक पिंगली वेंकैया ने एक चौथा झंडा बनाया था जिसमें दो रंगों का लाल और हरा रंग का था जो दो प्रमुख समुदाय अर्थात हिंदू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्व करता था गांधी जी ने 1921 ईस्वी में सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसे एक सफेद पट्टी मध्य में और सफेद पट्टी के बीच में प्रगति के लिए चलता हुआ चरखा होना चाहिए। वर्ष 1931 में झंडा के इतिहास में एक नया मोड़ आया तिरंगे ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने का एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें तीन रंग उपर केसरिया बलिदान का प्रतीक बीच में सफेद शांति का प्रतिक और अशोक स्तंभ से लिया चक्र इसे विधि चक्र भी कहते हैं जिसमें 24 तिल्लिया प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती है और सबसे नीचे हरा रंग हरियाली एवं खुशहाली का प्रतीक । तीनों पट्टियां समानुपात में आयताकार जिसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2है। इसे राष्ट्रध्वज के रूप में मान्यता मिली 22 जुलाई 1947 ई. को संविधान सभा ने वर्तमान भारत के तिरंगा को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया तथा आजादी के बाद भी इसका रंग और महत्व आज भी बना हुआ है ।इस ध्वज को आज 26 जनवरी 1950 को संवैधानिक मान्यता प्राप्त हुआ। ये था राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का रोचक इतिहास ।

सितारगंज राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में लगा विधिक प्राधिकरण जागरूकता कैंप

सितारगंज में राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का…

राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष में कस्तूरबा गांधी स्कूल की बालिकाओं को बनाया चिकित्सा अधीक्षक एवं डिलीवरी रूम इंचार्ज

सितारगंज राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को मिला प्रेरणादायक अवसर इस मौके पर कस्तूरबा गांधी स्कूल की बालिकाओं कोसितारगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक अनूठी…

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

गदरपुर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उधम सिंह नगर के माननीय सचिव योगेन्द्र कुमार सागर के निर्देशन में नेताजी सुभाष चन्द्र…

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